*मुंबई में संपत्ति पंजीकरण में 32 प्रतिशत की वृद्धि, स्टाम्प शुल्क संग्रह में 47 प्रतिशत की वृद्धि*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*मुंबई में संपत्ति पंजीकरण में 32 प्रतिशत की वृद्धि, स्टाम्प शुल्क संग्रह में 47 प्रतिशत की वृद्धि*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

【मुंबई / रिपोर्ट स्पर्श देसाई】श्राद्ध पखवाड़े के दौरान पारंपरिक मंदी को दरकिनार करते हुए मुंबई के रियल एस्टेट बाजार ने सितंबर 2025 में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। प्रमुख रियल एस्टेट विश्लेषण फर्मों के अधिकारियों के अनुसार शहर भर में संपत्ति पंजीकरण में साल-दर- साल 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई हैं और यह 12,070 इकाइयों तक पहुँच गया हैं। जबकि स्टाम्प शुल्क संग्रह 47 प्रतिशत बढ़कर ₹1,292 करोड़ हो गया । जो खरीदारों की मजबूत गतिविधि और त्योहारी कैलेंडर में बदलाव को दर्शाता है। विशेषज्ञों ने बताया कि इस साल श्राद्ध का समय पहले यह जाने जो 21 सितंबर को समाप्त हुआ और 22 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्रि उत्सव के कारण संपत्ति के लेन-देन में तेजी आई हैं। महीने-दर-महीने आधार पर पंजीकरण में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और स्टांप शुल्क राजस्व में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई हैं। जिससे बाजार में मजबूत गति का संकेत मिलता है। आवासीय संपत्तियों ने बाजार पर अपना दबदबा बनाया हैं। सितंबर में हुए सभी पंजीकरणों में इनका हिस्सा 80 प्रतिशत था । जो अंतिम उपयोगकर्ता की निरंतर मांग को दर्शाता है। साल 2025 के पहले नौ महीनों के संचयी आंकड़े बताते हैं कि मुंबई में 111,939 से अधिक संपत्तियां पंजीकृत हुईं। जिससे राज्य के खजाने में ₹11,141 करोड़ से अधिक का योगदान हुआ हैं। यह पंजीकरण में साल-दर-साल 6 प्रतिशत और राजस्व में 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। जो शहर के आवास क्षेत्र में खरीदारों और निवेशकों के बीच निरंतर विश्वास का संकेत देता है। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि उच्च मूल्य वाली संपत्तियां अधिक ध्यान आकर्षित कर रही हैं। सितंबर में कुल पंजीकरण में ₹5 करोड़ से ज़्यादा कीमत वाले घरों का हिस्सा 7 प्रतिशत रहा हैं । जो पिछले साल के 5 प्रतिशत से ज़्यादा है। वहीं सामर्थ्य के दबाव के कारण ₹1 करोड़ से कम कीमत वाले किफायती आवासों में मामूली गिरावट देखी गई । ₹1-2 करोड़ कीमत वाली संपत्तियों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिससे मध्यम वर्ग के बाज़ार में मज़बूती का संकेत मिलता है। जबकि 2-5 करोड़ वाला वर्ग स्थिर रहा हैं। इकाई आकार के संदर्भ में 1,000 वर्ग फुट से कम के कॉम्पैक्ट घर सबसे लोकप्रिय रहे हैं । जो कुल पंजीकरण का 81 प्रतिशत है। 1,000-2,000 वर्ग फुट की मध्यम आकार की इकाइयों का हिस्सा 14 प्रतिशत है। जबकि 2,000 वर्ग फुट से बड़े बड़े अपार्टमेंट का हिस्सा 5 प्रतिशत है। जो एक विशिष्ट लेकिन स्थिर लक्जरी वर्ग की मांग को दर्शाता है। उपनगरीय बाज़ारों में गतिविधियाँ जारी रहीं। पश्चिमी और मध्य उपनगरों में सामूहिक रूप से कुल पंजीकरण का 88 प्रतिशत हिस्सा रहा हैं। पश्चिमी उपनगरों ने 59 प्रतिशत मध्य उपनगरों ने 29 प्रतिशत का योगदान दिया हैं । जबकि दक्षिण मुंबई और मध्य मुंबई ने क्रमशः 8 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की कम हिस्सेदारी दर्ज की थी। विशेषज्ञों ने ज़ोर देकर कहा कि उपनगरीय क्षेत्रों का निरंतर प्रभुत्व अच्छी तरह से जुड़े आवासीय इलाकों की बढ़ती माँग को रेखांकित करता है। अधिकारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि बाजार का प्रदर्शन एक परिपक्व शहरी पारिस्थितिकी तंत्र और खरीदारों के स्थायी विश्वास दोनों को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि त्योहारों के बदलते कैलेंडर और अंतिम उपयोगकर्ताओं व निवेशकों के बीच बेहतर होते रुझान ने अपेक्षा से अधिक लेनदेन की मात्रा को बढ़ावा दिया है। निरंतर आवासीय माँग और मजबूत राजस्व संग्रह के साथ मुंबई का रियल एस्टेट क्षेत्र लचीलापन और रणनीतिक विकास क्षमता प्रदर्शित करना जारी रखे हुए है। इस तरह मुंबई में संपत्ति पंजीकरण में 32 प्रतिशत की वृद्धि,स्टाम्प शुल्क संग्रह में 47 प्रतिशत की वृद्धि की गई हैं।【Photo Courtesy Google】
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