*आया आया शुभ संदेश लेकर दशहरा का त्यौहार*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*आया आया शुभ संदेश लेकर दशहरा का त्यौहार*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】भारत में दशहरा जिसे विजयादशमी भी कहते हैं वो एक प्रमुख हिंदू पर्व है। जो हर वर्ष अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इसका धार्मिक,सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व अत्यंत गहरा है। दशहरा पर्व का महत्व देखें तो असत्य पर सत्य की विजय का पर्व है यह। इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था और धर्म की विजय हुई थी। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। नवरात्रि के नौ दिनों तक माँ दुर्गा की साधना और आराधना होती है। दशमी को माँ दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था इसलिए यह दिन शक्ति विजय का भी प्रतीक है। भारत के कई हिस्सों में रामलीला का मंचन किया जाता है और दशहरे के दिन रावण,मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाता है। यह प्रतीक है कि अहंकार,क्रोध और लोभ जैसी बुराइयों का नाश होना चाहिए। सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है यह पर्व । गाँव-शहर में मेले लगते हैं। लोग एक-दूसरे से मिलते हैं। यह पर्व सामाजिक मेल-जोल और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करता है। विजयादशमी को अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। इस दिन लोग शिक्षा,व्यापार या किसी नए काम की शुरुआत करते हैं। शस्त्र और औजारों की पूजा की परंपरा भी इसी दिन होती है। इस पर्व का राष्ट्रीय संदेश देखें तो यह पर्व हमें सिखाता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो अंततः जीत सच्चाई और धर्म की ही होती है। कुल मिलाकर दशहरा भारत में धर्म,शक्ति,सदाचार और विजय का पर्व है,जो जीवन में सकारात्मकता,साहस और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देता है।【Photo by AI】
◆ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Channel• #नवरात्रि#दशहरा#महत्व#
Comments