*पेरिस: लूव्रे डकैती: 100 मिलियन डॉलर की आभूषण डकैती का खुलासा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*पेरिस: लूव्रे डकैती: 100 मिलियन डॉलर की आभूषण डकैती का खुलासा*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】''लूव्रे हीस्ट: मिनट बाय मिनट'' नामक एक वृत्तचित्र हाल ही में लूव्रे में हुई 10 करोड़ डॉलर की गहनों की डकैती का विवरण देता है। यह डकैती 19 अक्टूबर को हुई थी। जब चोरों ने कर्मचारियों के वेश में संग्रहालय में सेंध लगाई थी। पर्यटकों ने इस घटना को देखा था। जिससे पेरिस के अंडरवर्ल्ड में इस बड़े अपराध के पीछे की दु:स्साहस और योजना का पता चलता है।
अब देखे "लूव्रे हीस्ट: मिनट-बाई-मिनट” – 2025 पेरिस म्यूज़ियम डकैती का डिस्कवरी रिव्यू।
क्या हुआ था? तो तारीख और समय के हिसाब से देखे तो 19 अक्टूबर 2025 लगभग सुबह 9:30a.m.CEST लूव्रे के पब्लिक के लिए खुलने के ठीक बाद टारगेट किया गया गैलेरी डी’अपोलोन को। जिसमें फ्रेंच क्राउन ज्वैल्स रखे हैं। आठ ऐतिहासिक चीज़ें जिसमें नेपोलियन का शाही राजसी सामान और महारानी जोसेफिन की ज्वैलरी शामिल हैं। वह उडा ली गईं। इनकी कुल कीमत €88 मिलियन (लगभग $102 मिलियन) आंकी गई है।
अब देखें चोरों ने कैसे किया यह काम ?
सुबह 9:30 को चार आदमी एक सर्विस गाड़ी में म्यूजियम आते हैं। जो रूटीन मेंटेनेंस क्रू के साथ घुलने-मिलने के लिए चमकीले पीले-नारंगी कंस्ट्रक्शन वेस्ट पहने हुए हैं।
9:31 को बालाक्लाव पहने दो सदस्य म्यूज़ियम के साउथ साइड (सीन नदी की तरफ वाली साइड) में पहली मंज़िल की बाल्कनी तक पहुँचने के लिए फ़र्नीचर लिफ़्ट का इस्तेमाल करते हैं।
9:32 को “मोनालिसा” हॉल से थोड़ी दूरी पर अपोलो गैलरी में एक खिड़की काटने के लिए एंगल ग्राइंडर का इस्तेमाल किया जाता है।
9:33‑9:35 के चोर दो डिस्प्ले केस तोड़ते हैं और आठ ज्वैलरी आइटम निकालते हैं।
9:36‑9:37 को म्यूज़ियम का अलार्म सिस्टम चालू हो जाता है । जिससे स्टाफ़ और पुलिस अलर्ट हो जाते हैं।
9:38‑9:40 बजे क्रू लूट का सामान एक छिपे हुए बैग में भरता है। लिफ़्ट की बास्केट में एक छोटी सी आग लगाता है। (शायद ध्यान भटकाने के लिए) और बिल्डिंग से बाहर निकल जाता है।
9:41‑9:45 बजे वे सब सीन नदी के किनारे भागते हैं। बुलेवार्ड पेरिफेरिक पहुँचते हैं और दक्षिण की ओर जाने वाले A6 ऑटोरूट पर चढ़ जाते हैं। लूव्रे के अंदर पूरी घुसपैठ लगभग चार मिनट तक चलती है। पूरा ऑपरेशन पहुँचने से लेकर जाने तक आठ मिनट से कम समय में होता है।

यह खास क्यों है? स्पीड और सटीकता से चोरों ने मिनट तक की टाइमिंग की योजना बनाई थी। असली दिखने वाले उपकरणों और एक लिफ्ट का इस्तेमाल किया था। जो पेरिस की इमारतों में आम होती है। लो-प्रोफ़ाइल निष्पादन देखें तो कोई हिंसा नहीं,कोई बंधक नहीं बनाना और टूटे हुए बक्सों और एक छोटी सी आग के अलावा कोई नुकसान नहीं। प्रोफेशनलिज़्म पर गौर करें तो क्रू ने एक प्रोजेक्ट टीम की तरह कोऑर्डिनेट किया था। गैलरी की जाँच की । कमजोर बिंदुओं की पहचान की और एक सख्त शेड्यूल का पालन किया था परिणाम स्वरूप एक हफ्ते के अंदर फ्रांसीसी पुलिस ने दो संदिग्धों की गिरफ्तारी की घोषणा की थी। बाकी दो अपराधियों की पूरे देश में तलाश अभी भी जारी है हालांकि चोरी हुए गहने अभी तक बरामद नहीं हुए हैं और इस घटना ने म्यूज़ियम की सुरक्षा,इंश्योरेंस कवरेज और ऐसी ऐतिहासिक चीज़ों के कल्चरल नुकसान के बारे में ज़ोरदार बहस छेड़ दी है जिनकी जगह कोई नहीं ले सकता।
इस घटना का कल्चरल असर देखे तो डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री “लूव्रे हाइस्ट: मिनट-बाय-मिनट” (जो 2025 में बाद में रिलीज़ हुई थी।) सर्विलांस फुटेज,एक्सपर्ट इंटरव्यू और एक डिटेल्ड टाइमलाइन का इस्तेमाल करके डकैती को फिर से दिखाती है। रिव्यू करने वालों का कहना है कि यह फ़िल्म एक छोटी थ्रिलर जैसी लगती है । जो अपराध की हिम्मत और उसके पीछे की सोची-समझी प्लानिंग दोनों को दिखाती है। संक्षेप में देखे तो शोर्ट फिल्म “लूव्रे हाइस्ट: मिनट-बाय-मिनट” रिव्यू एक हिम्मत वाली,बहुत तेज़ी से चोरी की कहानी बताता है जिसमें आम कंस्ट्रक्शन के काम के लुक को एक बहुत ही कोऑर्डिनेटेड क्रिमिनल ऑपरेशन के साथ मिलाया गया था । जिसके नतीजे में साल की सबसे सनसनीखेज म्यूज़ियम डकैतियों में से एक हुई 21वीं सदी की घटना।

इसके लिए बीबीसी वर्ल्ड की रिपोर्ट क्या कहती हैं?
फ़्रांसीसी मीडिया के मुताबिक़ पेरिस के लूव्रे म्यूज़ियम से बेशक़ीमती मुकुट के रत्नों की चोरी के मामले में दो संदिग्धों को गिरफ़्तार किया गया है। पेरिस के अभियोजन कार्यालय ने बताया कि गिरफ़्तार किया गया एक शख़्स "चार्ल्स द गॉल एयरपोर्ट" से फ़्लाइट पकड़ने की तैयारी में था। अभियोजक कार्यालय ने एक बयान में कहा कि ये गिरफ्तारियां शनिवार शाम को हुईं हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कितने लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। बीते हफ़्ते रविवार को लूव्रे म्यूज़ियम से 8.8 करोड़ यूरो (लगभग 102 मिलियन डॉलर) मूल्य के गहने चोरी हो गए थे । चार चोरों ने दिनदहाड़े इमारत में सेंध लगाई थी। फ़्रांस के न्याय मंत्री ने बाद में माना कि सुरक्षा प्रोटोकॉल "विफल" रहे । जिससे देश की छवि "ख़राब" हुई। लूव्रे दुनिया का सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला म्यूज़ियम है और इसमें दुनिया की कई मशहूर कलाकृतियां और ख़ज़ाने रखे हैं। फ़्रांस में पेरिस के लूव्रे म्यूज़ियम को एक चोरी की घटना के बाद बंद कर दिया गया था । फ्रांस की संस्कृति मंत्री राशिदा दाती ने एक्स पर लिखा कि यह चोरी रविवार सुबह तब हुई जब म्यूज़ियम खुल रहा था। उन्होंने बताया कि वह मौके़ पर मौजूद रही जहां पुलिस जांच कर रही है । बाद में उन्होंने कहा कि चोरी हुआ एक गहना घटनास्थल के पास मिला है । जो शायद गिर गया था। दाती ने कहा था कि उसकी जांच की जा रही है। अभी तक यह साफ़ नहीं हुआ है कि वह कौन-सी चीज़ है। चोरों के बारे में मंत्री ने कहा कि उन्होंने 'पेशेवर तरीक़े से काम कियाहैं। बिना किसी हिंसा या घबराहट के। घटना में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं थी। म्यूज़ियम की ओर से कहा गया था कि 'विशेष कारणों से' म्यूज़ियम दिनभर बंद रहेगा लेकिन विस्तृत जानकारी नहीं दी गई थी। लूव्रे दुनिया का सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला म्यूज़ियम है और इसमें दुनिया की कई मशहूर कलाकृतियां और ख़ज़ाने रखे हैं।【रिपोर्ट समाप्त】
•पेरिस का लूव्रे म्यूजियम के बारे में जानने के लिए नीचे दी गई लिंक को खोलें:
https://youtu.be/hFnvMvTgI8s?si=KAv6NDV7t9N8Y0g8
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