*क्रिसमस का धार्मिक महत्व ईसा मसीह के जन्म में निहित है*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*क्रिसमस का धार्मिक महत्व ईसा मसीह के जन्म में निहित है*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई


【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】क्रिसमस इसाईयों का एक प्रमुख समारोह है। जो हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से ईसाई धर्म में ईसा मसीह के जन्म के रूप में मनाया जाता है लेकिन यह अन्य संस्कृतियों में भी लोकप्रिय है। यहाँ क्रिसमस के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं:

•क्रिसमस का इतिहास:
- धार्मिक महत्व: क्रिसमस का धार्मिक महत्व ईसा मसीह के जन्म में निहित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार उनकी मां मरियम ने उन्हें बैथलेहम में जन्म दिया था।
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- पारंपरिक दिवस: प्रारंभ में क्रिसमस का पर्व 6 जनवरी को मनाया जाता था लेकिन चौथी शताब्दी में इसे 25 दिसंबर को मनाने का निर्णय लिया गया था।

• मनाने के तरीके:
-क्रिसमस ट्री: लोग अपने घरों में क्रिसमस ट्री सजाते हैं। जिसे अक्सर रंग-बिरंगी लाइट्स और सजावटी सामान से सजाया जाता है।


-कार्ड भेजना: दोस्तों और परिवार को क्रिसमस के शुभकामना कार्ड भेजे जाते हैं।

-उपहार: इस दिन उपहारों का आदान-प्रदान किया जाता है। लोग खासतौर पर बच्चों को उपहार देते हैं।

-खाने-पीने की विशेषताएँ: क्रिसमस पर विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं, जैसे कि टर्की,केक,कुकीज और अन्य मीठे पकवान।

•नाम और प्रतीक:
-सांता क्लॉज: सांता क्लॉज या संत निकोलस बच्चों को उपहार देने वाले पात्र के रूप में प्रसिद्ध हैं। वे आमतौर पर लाल कपड़े पहनते हैं और सफेद दाढ़ी रखते हैं।

-क्रिसमस कैरोली:लोग इस दिन विशेष गीत गाते हैं जिन्हें क्रिसमस कैरोली कहा जाता है।

•अन्य उत्सवों की तरह:
क्रिसमस की भावना प्रेम,करुणा और एकता को बढ़ावा देती है। यह सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है। जहां परिवार और दोस्तों के साथ एकत्र होकर खुशी मनाई जाती है।


•क्रिसमस के बारे में कई विशेष परंपराएं और कार्यक्रम हैं । जो इसे एक खास उत्सव बनाते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख परंपराओं और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी गई है:

•विशेष परंपराएं:
-अडवेंट: यह क्रिसमस की तैयारी की अवधि होती है। जो चार हफ्ते पहले शुरू होती है। इस दौरान लोग प्रार्थना करते हैं और विभिन्न गतिविधियाँ करते हैं।

-क्रिसमस कैरोली: इस त्यौहार पर विशेष गीतों को गाया जाता है। जिन्हें कैरोली कहते हैं। कई लोग गाने के लिए एकत्रित होते हैं और विभिन्न स्थानों पर गाते हैं । जिससे उत्सव का माहौल बनता है।

-मिस्सा / पूजा: कई लोग इस दिन चर्च जाकर विशेष पूजा या मिस्सा में भाग लेते हैं। जहां ईसा मसीह के जन्म का स्मरण किया जाता है।

-क्रिसमस मार्केट: कई देशों में क्रिसमस के अवसर पर बाजार लगते हैं। जहां सजावटी वस्त्र,उपहार,खाने-पीने की चीजें और अन्य सामान बिकते हैं। यह खरीदारी का एक सामाजिक समारोह बन जाता है।

-डेकोरेशन: घरों और सार्वजनिक स्थानों को लाइट्स,रिबन और अन्य सजावटी सामान से सजाया जाता है। क्रिसमस की गहनों और उपहारों का अलंकरण भी इस त्योहार का एक हिस्सा है।


•विशेष कार्यक्रम:
-क्रिसमस डिनर: परिवार और मित्र एक साथ मिलकर विशेष क्रिसमस डिनर का आयोजन करते हैं । जिसमें टर्की,हैम,पुलाव, मिठाई आदि शामिल होते हैं।

-सांता कैम्पेन: कई जगहों पर सांता क्लॉज का कार्यक्रम आयोजित होता है । जहाँ बच्चे उनके साथ बैठकर अपने सौगातों की सूची साझा करते हैं।

-क्रिसमस पार्टी: ऑफिस,स्कूल और घरों में क्रिसमस पार्टी का आयोजन होता है । जहाँ लोग एक साथ मिलकर खुशियाँ मनाते हैं।

-गिफ्ट-एक्सचेंज: परिवारों और दोस्तों के बीच उपहारों के आदान-प्रदान के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिसे "सिक्रेट सैंटा" भी कहा जाता है।

•सांस्कृतिक विविधताएँ:
-अलग-अलग देश:विभिन्न देशों में क्रिसमस मनाने के तरीके भिन्न होते हैं। जैसे कि 
स्पेन में "लोटेरिया" खेला जाता है। वहीं कई लैटिन अमेरिकी देशों में "पिनाटा" का खेल होता है। इन परंपराओं और कार्यक्रमों के माध्यम से क्रिसमस न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि यह समाज में एकता और प्रेम का प्रतीक बन जाता है।【 Photos: Google】

★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Channel•#क्रिसमस# महत्व#सांता क्लॉज

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