*BMC ने लोगों को चार दिन हाई टाइड के दौरान मुंबई के बीच पर न जाने की चेतावनी दी*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*BMC ने लोगों को चार दिन हाई टाइड के दौरान मुंबई के बीच पर न जाने की चेतावनी दी*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
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【मुंंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई】बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यानि BMC ने एक चेतावनी वाली एडवाइज़री जारी की है । जिसमें लोगों से अगले चार दिनों तक मुंबई के बीच पर न जाने की अपील की गई है क्योंकि अरब सागर में 4 से 7 दिसंबर तक अजीब तरह से हाई टाइड आने का अनुमान है। सिविक बॉडी के डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेल ने बताया कि टाइड का लेवल चार मीटर से ऊपर रहेगा और 6 दिसंबर को यह पाँच मीटर से ज़्यादा हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले हाई टाइड से लोगों की सुरक्षा को सीधा खतरा है और बीच पर होने वाली एक्टिविटीज़ में रुकावट आ सकती है । खासकर वीकेंड पर जब आमतौर पर लोगों की संख्या बढ़ जाती है। BMC के डिज़ास्टर सेल के एक अधिकारी ने कहा कि हम लोगों और विज़िटर्स से इस दौरान समुद्र किनारे जाने से बचने के लिए कह रहे है। इन हाई टाइड की हालत में पानी के पास थोड़ी देर रुकना भी रिस्की हो सकता है। BMC आइलैंड शहर और आस-पास के इलाकों में 145 किलोमीटर के कोस्टलाइन पर 12 पब्लिक बीच चलाती है। आम तौर पर इन इलाकों में त्योहारों या लंबे वीकेंड पर काफी भीड़ होती है। यह एडवाइज़री ऐसे समय में आई है जब मुंबई 6 दिसंबर को डॉ. बी.आर.आंबेडकर की पुण्यतिथि की तैयारी कर रहा है। जिस दिन चैत्य भूमि पर भारी भीड़ जमा होती है। अधिकारियों ने हादसों और होने वाली मौतों को रोकने के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करने की अहमियत पर ज़ोर दिया है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौसमी लूनर साइकिल और लंबे समय तक चलने वाले क्लाइमेट असर की वजह से समुद्र का बढ़ता लेवल और असामान्य रूप से ऊंची लहरें ज़्यादा बार आ रही हैं। एक सीनियर अर्बन प्लानर ने कहा कि इन ज्वार-भाटे की घटनाओं के दौरान मुंबई के तटीय इलाकों की मज़बूती का लगातार टेस्ट होता है। बीच पर मज़बूत निगरानी के साथ-साथ प्रोएक्टिव एडवाइज़री,टाली जा सकने वाली इमरजेंसी को रोकने के लिए बहुत ज़रूरी हैं। तैयारी के तौर पर BMC ने समुद्र तट पर और लाइफगार्ड तैनात किए हैं । हर 100 मीटर पर एक लाइफगार्ड तैनात किया है और सबसे ज़्यादा आने-जाने वाले बीच पर गश्त बढ़ा दी है। सुरक्षा उपायों में चेतावनी के साइन,कमज़ोर जगहों के पास बैरिकेड और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों द्वारा लगातार निगरानी शामिल है। अधिकारियों ने ज़ोर दिया कि इन एडवाइज़री को मानने से न सिर्फ़ पर्सनल सेफ्टी पक्की होती है बल्कि शहर को इमरजेंसी सर्विस को अच्छे से मैनेज करने में भी मदद मिलती है। सिविक बॉडी का कम्युनिकेशन सस्टेनेबल अर्बन मैनेजमेंट और नागरिक सुरक्षा पर ज़्यादा ध्यान देने पर ज़ोर देता है। ज़्यादा रिस्क वाली प्राकृतिक घटनाओं का अंदाज़ा लगाकर और समय पर एडवाइज़री जारी करके मुंबई का मकसद रोकी जा सकने वाली घटनाओं को कम करना है साथ ही अपने तटीय संसाधनों तक लोगों की पहुँच को ठीक से बनाए रखना है। लोगों को सावधान रहने,किनारे पर गैर-ज़रूरी ट्रिप से बचने और 7 दिसंबर के बाद टाइड लेवल के स्थिर होने तक ऑफिशियल चैनलों से अपडेट फ़ॉलो करने के लिए कहा गया है। इसी तरह BMC ने लोगों को चार दिनों के हाई टाइड के दौरान बीच पर जाने से बचने की चेतावनी दी हैं।【Photo Courtesy Google】

★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Metro City Post•News Badhaee

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