*मराठा आंदोलन का इतिहास बताता है कि यह सिर्फ आरक्षण की लड़ाई नहीं,यह एक पूरी पीढ़ी की समानता और न्याय की तलाश है*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*मराठा आंदोलन का इतिहास बताता है कि यह सिर्फ आरक्षण की लड़ाई नहीं,यह एक पूरी पीढ़ी की समानता और न्याय की तलाश है*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】मराठा आरक्षण का इतिहास देखे तो मराठा समुदाय जिसे ऐतिहासिक रूप से "योद्धा वर्ग" के रूप में जाना जाता है। उसने पिछले कुछ दशकों में भारत के महाराष्ट्र राज्य में सामाजिक- आर्थिक और शैक्षिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की मांग की है। यह मुद्दा राजनीतिक,सामाजिक और कानूनी उथल-पुथल से भरा रहा है। मराठा आरक्षण का इतिहास निम्नलिखित प्रमुख चरणों में समझा जा सकता है। प्रारंभिक चरण और पहला आंदोलन (1990 के दशक के उत्तरार्ध)। मराठा समुदाय के एक बड़े हिस्से ने खुद को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा हुआ महसूस करना शुरू किया। इसी दौरान "मराठा सेना" जैसे संगठनों ने आरक्षण की मांग को मजबूती से उठाना शुरू किया हालाँकि इस समय मांग को उतना बल नहीं मिला था। राजनीतिक मांग और पहला आयोग ( 2004-2014 )। मराठा आरक्षण की मांग तेज होने लगी और यह एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन गया। साल 2008 में तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र के प...