हर भारतीय पर 68,400/- क़र्ज़ चढ़ा हुआ है / रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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          【मुंबई / रिपोर्ट : स्पर्श देसाई】



20 लाख करोड़ से किसके हिस्से में कितने आएंगे ये मत सोचिए बल्कि ये सोचिए कि कोरोना से निपटने के लिए मोदी सरकार ने जो अरबों डॉलर का ऋण लिया है उससे भारत के हर नागरिक पर कितना क़र्ज़ और चढ़ जाएगा।

देश के ऊपर कुल कर्ज, जो मार्च, 2014 में 53 लाख करोड़ रुपये था, वो सितम्बर, 2019 में 91 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसका मतलब कि साढ़े पांच साल में कुल कर्ज में 71 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

इस हिसाब से पिछले साढ़े पांच साल में प्रति व्यक्ति कर्ज 27,200 रुपये बढ़ा। वर्ष 2014 में प्रति व्यक्ति कर्ज 41,200 रुपये था जो गत साढ़े पांच वर्षों में बढ़कर 68,400 रुपये हो गया है। यानि हम सब पर प्रति व्यक्ति 68,400/- रुपयों का ऋण है। इस बार ऋण बंपर है, इसलिए 15 लाख भूल जाएं और अप्रेल 2020 तक मोदी सरकार द्वारा लिए गए ऋण का टोटल कर ख़ुद पर चढ़ा क़र्ज़ केलकुलेट कर लें। ऐसा भारत के फोरेक्स विशेषज्ञ बताते हैं ।

रिपोर्ट  स्पर्श देसाई √●Metro City Post● News Channel◆के लिए...ँ










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