आंधी, तूफान और बारिश भी नहीं रोक पा रही डिस्काॅम के कामों को ,15 मई तक पूरा करना है रखरखाव का काम ताकि मिलती रहे निर्बाध आपूर्ति ...527 जीएसएस और 4255 फीडरों पर रखरखाव का काम पूरा / रिपोर्ट स्पर्श देसाई


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                 मुंबई / रिपोर्ट स्पर्श देसाई

राजस्थान के अजमेर विद्युत वितरण निगम ने गर्मी और बारिश के दिनों में सुचारू विद्युत आपूर्ति रखने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना शुरू कर दिया है। निगम ने 15 मई तक 11 जिलों में सभी जीएसएस को चाक-चैबंद रखने के लिए लाईनों के रखरखाव का बडा काम शुरू किया है। पिछले दिनों तेज आंधी, ओलावृष्टि और बारिश के बावजूद निगम की टीमें दूरदराज के गांवों तक जुटी रहीं। निगम ने 527 जीएसएस और 4 हजार 255 फीडरों पर रखरखाव का काम पूरा कर लिया है। 
प्रबन्ध निदेशक श्री वी.एस. भाटी ने बताया कि अजमेर डिस्काॅम की सबसे बड़ी चुनौती गर्मी और बारिश के दिनों में सुचारू विद्युत आपूर्ति बनाए रखना है। इसके अलावा कोरोना महामारी के दौरान अस्पतालों, लैब, क्वारेंटाइन सेन्टर व शेल्टर होम में भी 24 घंटे बिजली देना अति आवश्यक है। इसके लिए अजमेर विद्युत वितरण निगम योजनाबद्ध तरीके से लाईनों के रखरखाव का काम कर रहा है। आगामी 15 मई तक सभी लाईनों का रखरखाव कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पिछले आँधी, ओलावृष्टि एवं बरसात के बावजूद निगम की टीमें लगातार फील्ड में डटकर काम कर रही है। निगम ने अब तक अजमेर डिस्काॅम के 33/11 केवी क्षमता वाले 1872 जीएसएस में से 527 जीएसएस पर रखरखाव का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसी तरह 33 केवी के 909 फीडर में से 571 फीडरों पर रखरखाव का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। साथ ही 33/11 केवी जीएसएस से निकलने वाले 3684 फीडरों पर रखरखाव का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
डिस्काॅम के एम.डी. श्री वी. एस. भाटी ने सभी संबंधित अधीक्षण अभियंताओं, अधिशाषी अभियंताओं एवं सहायक अभियंताओं को निर्देशित किया है कि उपरोक्त रखरखाव का कार्य करते समय कोविड-19 के मद्येनजर सोशल डिस्टेंसिंग, मुँह पर मास्क लगाकर एवं सेनेटाइजर का उपयोग करते हुए स्वयं के तथा साथ काम करने वाले दूसरे कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए करे।
डिस्काॅम के कर्मचारी एवं अधिकारी इस भीषण गर्मी के बावजूद लाईनों एवं जीएसएस के रखरखाव के कार्य में जुटे हुए हैं। श्री भाटी ने निर्देश दिए कि रखरखाव का कार्य किसी भी हालत में सुबह 10ः30 बजे के पश्चात नहीं किया जाए ताकि उपभोक्तओं को परेशानी का सामना नहीं करना पडे। जिस 33/11 केवी जीएसएस पर रखरखाव का कार्य किया जाए उसी के साथ वहाँ से निकलने वाले 11 केवी फीडरों पर भी रखरखाव का कार्य किया जाए ताकि अलग-अलग शटडाउन नहीं लेना पड़े।

रिपोर्ट स्पर्श देसाई √●Metro City Post●News Channel● के लिए...

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